लखनऊ: उपमुख्यमंत्री ने जर्मन निवेशकों को यूपी में निवेश और साझेदारी का आमंत्रण दिया

लखनऊ: उपमुख्यमंत्री ने जर्मन निवेशकों को यूपी में निवेश और साझेदारी का आमंत्रण दिया

Lucknow: Deputy Chief Minister invites German

Lucknow: Deputy Chief Minister invites German

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी के उद्यमियों और शासकीय प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने और परस्पर सहयोग को मजबूत करने का आमंत्रण दिया है।

सोमवार को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मध्य सहयोग, लाजिस्टिक्स, डाटा सेंटर, नवाचार एवं औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए समझौता ज्ञापन पर सहमति व्यक्त की। जर्मन औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश दौरे और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी विकसित करने का निर्णय लिया।

उपमुख्यमंत्री ने ग्लोबल अफेयर्स एंड इकोनामिक्स व इंडो-पैसिफिक एवं चाइना अफेयर्स की अधिकारी सिल्की सिख्तर और ईए इलेक्ट्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्कस शिबाल से भेंट कर सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रसानिक्स क्षेत्र में भारत-जर्मनी सहयोग पर चर्चा की।

प्रदेश को एक उभरते वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत करते हुए सीमेंस और एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स के विस्तार, बढ़ते निवेशक विश्वास और भारत के विशाल उपभोक्ता आधार पर जोर दिया। प्रमुख इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण आयोजनों में सहभागिता सहित दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने का आमंत्रण दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, केल्स्टरबाख एवं राउनहाइम के महापौरों और इनोवेशन राइनमाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भेंट की। राज्य सचिव कारिन मुलर के नेतृत्व वाले हेसेन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से द्विपक्षीय सहयोग एवं निवेश को लेकर विचार-विमर्श हुआ।

उप मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की निवेशक अनुकूल एफडीआइ नीति तथा मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आइटी-आइटीइएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स एवं 660 प्लस मेगावाट क्षमता वाले डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं की जानकारी दी।

कहा कि हम विशेष रूप से जर्मन कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश, संयुक्त उपक्रम और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए आमंत्रित करते हैं। यह केवल व्यावसायिक अवसर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, स्थायी और रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।